वास्तु शास्त्र
मर्म स्थान
वास्तु शास्त्र में मर्म स्थान का बहुत महत्व बताया गया है । भूमि पूजन का विधि पूरा करने के बाद ,स्थापति घर के नक़्शे नुसार लेआउट मार्क करता है । पिल्लर कि संख्या सम होनी चाहिए । कुशल वास्तु स्थापति के निगरानी में ही पिलर कहाँ चाहिए ये तय चाहिए । अगर मर्म स्थान के स्थाना पर पिल्लर डाला जाये तो घर के मालिक को बाधा होती है । जिस तरह हमारे शरीर में मर्म बिंदु होते है , जिसे बाधित होने से हमें पीढ़ा होती हो , वैसे ही वास्तु बनाते समय इन मर्म स्थान का ध्यान रखना आवश्यक है ।
मर्म स्थान
वास्तु शास्त्र में मर्म स्थान का बहुत महत्व बताया गया है । भूमि पूजन का विधि पूरा करने के बाद ,स्थापति घर के नक़्शे नुसार लेआउट मार्क करता है । पिल्लर कि संख्या सम होनी चाहिए । कुशल वास्तु स्थापति के निगरानी में ही पिलर कहाँ चाहिए ये तय चाहिए । अगर मर्म स्थान के स्थाना पर पिल्लर डाला जाये तो घर के मालिक को बाधा होती है । जिस तरह हमारे शरीर में मर्म बिंदु होते है , जिसे बाधित होने से हमें पीढ़ा होती हो , वैसे ही वास्तु बनाते समय इन मर्म स्थान का ध्यान रखना आवश्यक है ।
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